Kesar ki Kheti : सोना चांदी जैसा कीमत है केसर की, कैसे करे इसकी खेती,जाने FREE

Kesar ki Kheti

Kesar ki Kheti – हमारे देश के किसान खेती में अधिक मुनाफा करने के लिए कई तरह के फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान समय में किसान परंपरागत खेती को छोड़कर अन्य खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं जिसमें अधिक मुनाफा होता है। वहीं भारत के किसान ज्यादा मुनाफा कमाने के इरादे से केसर की खेती की और भी आकर्षित हो रहे हैं। सबसे पहले आपको बता दे की केसर की सबसे अधिक खेती ईरान में किया जाता है वहीं भारत में केसर की खेती सबसे ज्यादा कश्मीर में किया जाता है।

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Kesar ki Kheti जैसा कि हम सभी को पता है केसर का का भाव बाजार में हमेशा अत्यधिक होता है इसके अलावा केसर की मांग विदेशों में भी होता है जिसके कारण किसान केसर की खेती की और आकर्षित हो रहे हैं। केसर की खेती में दूसरे कैसे खेती की तुलना में अत्यधिक मुनाफा देखने को मिलता है। ऐसे में अगर आप भी एक किसान है और आप कम समय में केसर की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो आज का यह पोस्ट आपके लिए है। आज के इस पोस्ट में हम आपको केसर की खेती (Kesar ki Kheti) से जुड़े संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

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केसर की खेती कैसे की जाती है? Kesar ki Kheti
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Kesar ki Kheti सबसे पहले आपको बता दे कि भारत में Kesar ki Kheti का सबसे अच्छा समय जुलाई का समय माना जाता है जिसका खेती मुख्यतः कंद के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए किसानों को अपने खेत को करीबन 6 से 7 सेंटीमीटर का गद्दा करना होता है। साथ उनके बीच की दूरी कम से कम 1 सेंटीमीटर की होनी होती है। खेत में एक बार केसर के कंद लगा देने के पश्चात 15 दिन में कम से कम तीन बार हल्की सिंचाई करने की आवश्यकता होती है। 

केसर की खेती करने की कुछ महीने बाद इसमें फूल आने शुरू हो जाते हैं। बात करें केसर के फूल के बारे में तो सुबह होते ही फूल खिल उठते हैं और जैसे ही दिन ढलने लगता है फुल मुरझा जाते है। ऐसे में किसान केसर की खेती (Kesar ki Kheti) कर अच्छा उत्पन्न कर आने वाले समय में लाखों की कमाई कर सकते हैं।

केसर की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी 

Kesar ki Kheti इच्छुक किसान जो केसर की खेती करने को लेकर इच्छुक है उन्हें बता दे की केसर की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी बुलाई दोमट और दोमट मिट्टी होती है लेकिन वर्तमान समय में बढ़ रहे तकनीकी और उच्च देखभाल की मदद से इसकी खेती राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्र में भी की जा सकती है। केसर की खेती के लिए जल भराव वाला जगह होना नहीं चाहिए क्योंकि केसर कंद पर ज्यादा पानी के कारण से अक्सर भी सड़ जाते हैं। ऐसे में केसर की खेती के लिए भूमि का पीएच मान सामान्य होना बेहद जरूरी होता है।

केसर की खेती में ध्यान देने वाली बातें 
Kesar ki Kheti

केसर की खेती के लिए सबसे पहले इसके मिट्टी को ध्यान में रखा जाता है। केसर की खेती के लिए तापमान 5 डिग्री से लेकर 20 डिग्री सबसे अच्छा माना जाता है। वही केसर को समुद्र तल से कम से कम 1000 से 2000 मीटर ऊंचाई पर उगाया जाता है। केसर की खेती के लिए बर्फीली इलाके सबसे अच्छे माने जाते हैं। केसर की खेती कर किसान अच्छी कमाई कर सकता है। 

केसर की खेती बुलाई दोमट और दोमट मिट्टी में किया है इसके अलावा वर्तमान समय में बढ़ रहे तकनीकी और उचित देखभाल की मदद से इस राजस्थान से शुष्क क्षेत्र में भी उगाया जा सकता है। यानी की मुख्य तौर पर केसर की खेती में जल जाम वाली जगह नहीं होनी चाहिए क्योंकि जल जमाने वाली जगह में बीच सड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। वही Kesar ki Kheti के लिए पीएम मान बिल्कुल ही समय नहीं होना जरूरी है।

केसर की खेती के लिए लागत और मुनाफा check

इच्छुक किसान जो केसर की खेती करना चाहता है उनको बता दे की केसर की खेती में एक हेक्टेयर में करीबन 1 लाख 80 हज़ार  से 2 लाख के बीच आता है। वहीं दूसरे साल में खेती मजदूरी अलग से लागत लगती है। केसर की खेती मुख्यत कंद के रूप में होता है। रोपाई होने के बाद दूसरे साल केसर के उपज ले सकते हैं। वर्तमान समय में कश्मीरी केसर की कीमत 3 लाख रुपए प्रति किलो होता है। वही एक हेक्टेयर जमीन पर 1.5 से 2 किलो सूखे फूल मिल जाता है जो केसर के रूप में होता है। ऐसे में Kesar ki Kheti से आप लाखों रुपए तक कमा सकते हैं।

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